ख़ुशी न जाने कहा दफ़न हो गयी

ज़िंदगी हमारी यू सीतम हो गयी
ख़ुशी न जाने कहा दफ़न हो गयी
लिखी खुदा ने मोहब्बत सबके नसीब में
जब हमारी बारी आई तो स्याही खत्म हो गयी

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यादों में आपके सीवा पास कौन होगा

दिल में आप और कोई खाश कैसे होगा
यादों में आपके सीवा पास कौन होगा
हिचकिया कहती है की आप याद करते हो
पर बोलोगे नहीं तो अहसास कैसे होगा

katil

जुदाई के बाद भी मुझे तेरा इंतज़ार है

कोई वादा नहीं फिर भी तेरा इंतज़ार है,
जुदाई के बाद भी मुझे तेरा इंतज़ार है
तेरी आँखों की उदासी दे रही है ये गवाही
मुझसे मिलने को तू अब भी बेक़रार है

khusi gum

मुझे रुला कर दिल उसका भी रोया होगा

मुझे रुला कर दिल उसका भी रोया होगा,
चेहरा आँसुओं से उसने भी धोया होगा
अगर ना किया कुछ हासिल हमने प्यार में,
कुछ ना कुछ उसने भी जरूर खोया होगा

dsaf

मुझे तुझसे मोहब्बत कितनी है

ये मत देख के में  गुनहगार कितना हुँ,
ये देख के में  तेरे साथ वफादार कितना हुँ
ये मत देख की मुझे लोगो से नफरत कितनी है
पर ये देख मुझे तुझसे मोहब्बत कितनी है

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मेरे दर्द को समझ न पाया

दुआ मांगी थी आशियाने की, चल पड़ी आंधियां ज़माने की
कोई मेरे दर्द को समझ न पाया क्यूंकि मुझे आदत थी मुस्कुराने की

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कुछ दर्द मिटाना बाकी है

आहिस्ता चल जिंदगी,अभी
कई कर्ज चुकाना बाकी है
कुछ दर्द मिटाना बाकी है
कुछ फर्ज निभाना बाकी है
रफ़्तार में तेरे चलने से
कुछ रूठ गए कुछ छूट गए
रूठों को मनाना बाकी है
रोतों को हँसाना बाकी है
कुछ रिश्ते बनकर ,टूट गए
कुछ जुड़ते -जुड़ते छूट गए
उन टूटे -छूटे रिश्तों के
जख्मों को मिटाना बाकी है
कुछ हसरतें अभी अधूरी हैं
कुछ काम भी और जरूरी हैं
जीवन की उलझ पहेली को
पूरा सुलझाना बाकी है
जब साँसों को थम जाना है
फिर क्या खोना ,क्या पाना है
पर मन के जिद्दी बच्चे को
यह बात बताना बाकी है
आहिस्ता चल जिंदगी ,अभी
कई कर्ज चुकाना बाकी है
कुछ दर्द मिटाना बाकी है  कुछ फर्ज निभाना बाकी है !chandni 1

 

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